हिसार, 31 मार्च –हरियाणा के हिसार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराजा अग्रसेन प्रतिमा और विभिन्न परियोजनाओं के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में नौकरियों के लिए खर्ची-पर्ची का सिस्टम चलता था, जबकि भाजपा सरकार ने 80 हजार नौकरियां पारदर्शिता के साथ दी हैं।
महाराजा अग्रसेन के योगदान को किया याद
अमित शाह ने महाराजा अग्रसेन की वीरता और सामाजिक योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने महाभारत के युद्ध में भाग लिया था और समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि कोई भूखा न सोए, किसी के पास छत की कमी न हो और सभी को रोजगार मिले। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए, भाजपा सरकार ने भी सुशासन को प्राथमिकता दी है।
भ्रष्टाचार मुक्त नौकरियां देने का दावा
कार्यक्रम में शाह ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार बनने से पहले नौकरियों में जातिवाद और भ्रष्टाचार हावी था। उन्होंने कहा कि अब बिना किसी भेदभाव के 80,000 नौकरियां दी गई हैं। यह लोकतंत्र में जाति और क्षेत्रवाद की राजनीति के विरुद्ध एक मजबूत संदेश है।
मोदी सरकार की योजनाओं की सराहना
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में पिछले 10 वर्षों में हुई विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला है। 20 करोड़ लोगों को आश्रय देने के लिए चार करोड़ घर बनाए गए हैं और 81 करोड़ लोगों को प्रति माह पांच किलो मुफ्त राशन दिया जा रहा है।
हर घर में शौचालय के लिए हरियाणा सरकार को सराहना
शाह ने कहा कि 2014 से पहले 12 करोड़ परिवारों के पास शौचालय की सुविधा नहीं थी। अब हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है जिसने हर घर में शौचालय उपलब्ध कराया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए हरियाणा सरकार को बधाई दी।
मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में हुआ सुधार
अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़े सुधार किए हैं। पिछले 10 वर्षों में 64,000 करोड़ रुपये की लागत से पब्लिक हेल्थ सेंटर और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर स्थापित किए गए हैं। देशभर में 700 से अधिक एकीकृत पब्लिक हेल्थ लैब, 4,382 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट और 602 क्रिटिकल केयर बॉक्स बनाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि देश में अब 23 एम्स अस्पताल हैं, जबकि पहले मेडिकल छात्रों के लिए केवल 51,000 सीटें थीं, जिसे बढ़ाकर 1,15,000 किया गया है। अगले पांच वर्षों में इसमें 85,000 सीटें और जोड़ी जाएंगी।