Saturday , 5 April 2025
"हथियार, हिंसा बदलाव नहीं ला सकते, शांति ला सकती है": सुकमा मुठभेड़ के बाद अमित शाह का संदेश

“हथियार, हिंसा बदलाव नहीं ला सकते, शांति ला सकती है”: सुकमा मुठभेड़ के बाद अमित शाह का संदेश

नई दिल्ली, 29 मार्च: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ हुई एक बड़े ऑपरेशन में सुरक्षा बलों की सफलता पर सराहना की। इस ऑपरेशन में 16 नक्सलियों को मुठभेड़ में मारा गया और एक बड़ा हथियारों का जखीरा बरामद हुआ। इस कार्रवाई को नक्सलवाद के खिलाफ एक और निर्णायक प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।

अमित शाह ने एक ट्वीट के जरिए इस ऑपरेशन की सफलता की जानकारी दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा, “नक्सलवाद पर एक और प्रहार! हमारे सुरक्षा बलों ने सुकमा में एक ऑपरेशन में 16 नक्सलियों को मार गिराया और एक विशाल हथियारों का जखीरा बरामद किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए संकल्पित हैं।”

सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा में शामिल लोगों से शाह ने एक सीधा संदेश दिया, “हथियार और हिंसा बदलाव नहीं ला सकते, केवल शांति और विकास ही बदलाव ला सकते हैं।” उन्होंने यह भी अपील की कि जो लोग अभी भी हथियारों के साथ हैं, उन्हें हिंसा के रास्ते को छोड़कर शांति और विकास का मार्ग अपनाना चाहिए।

सुकमा में बड़ी मुठभेड़

यह मुठभेड़ सुकमा जिले के केरलपाल क्षेत्र में हुई, जहां सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीम ने भाग लिया। इस मुठभेड़ में 16 नक्सलियों के शव बरामद हुए, और सुरक्षा बलों ने AK-47 राइफल्स, Self-Loading Rifles (SLRs), और INSAS राइफल्स सहित कई उन्नत हथियार बरामद किए।

सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चौहान ने मुठभेड़ स्थल से मिले शवों की पुष्टि की और बताया कि इस ऑपरेशन में दो जवान घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री का संदेश

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2004 से 2014 तक नक्सलवाद के कारण 16,463 हिंसक घटनाएं हुई थीं, लेकिन पिछले दस वर्षों में यह आंकड़ा 53 प्रतिशत कम हो गया है। वहीं, सुरक्षा कर्मियों की शहादत में भी 73 प्रतिशत की कमी आई है। 2004 से 2014 तक 1,851 सुरक्षा कर्मी शहीद हुए थे, जबकि पिछले दस वर्षों में यह आंकड़ा घटकर 509 हो गया। नागरिकों की मौतों की संख्या 70 प्रतिशत घटकर 1,495 हो गई है।

विकास की दिशा में कदम

अमित शाह ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी गई है। 2014 से 2024 तक 11,503 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग और 20,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनाई गईं। इसके अलावा, 2,343 मोबाइल टावर लगाए गए हैं और अब 4,000 मोबाइल टावर स्थापित करने का काम जारी है। शाह ने बताया कि 1 दिसंबर तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कर दी जाएगी।

नक्सलवाद के खिलाफ सख्त अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार नक्सलवाद को समूल नष्ट करने के लिए संकल्पित है। अमित शाह ने यह भी कहा कि सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज करेगी ताकि हिंसा और नक्सलवाद को खत्म किया जा सके। उनकी मान्यता है कि नक्सलवाद का समाधान केवल सुरक्षा बलों के संचालन से नहीं, बल्कि शांति, विकास और नागरिकों की भलाई के जरिए किया जा सकता है।

About webadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *