अंबाला,28 मार्च। अंबाला पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो ऑनलाइन धोखाधड़ी के जरिए लोगों को लाखों रुपये का चूना लगा रहा था। पुलिस ने गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। गिरोह के पास से 13.74 लाख रुपये नकद, 25 एटीएम कार्ड, 7 मोबाइल, 6 चेक बुक और नोट गिनने की मशीन बरामद की गई है।
गिरोह के सदस्य और उनका नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुमित तंवर (ग्वाल पहाड़ी, गुरुग्राम), नरेंद्र शुक्ला (बालाजी मंदिर, खांडसा, गुरुग्राम), हर्षित (बाबा मोहल्ला, दिल्ली), शैलेंद्र सिंह (शीतला माता मंदिर, गुरुग्राम), गौरव (सेक्टर-3, विभव नगर, फिरोजाबाद, यूपी), हार्दिक (कृष्णा कॉलोनी, गुरुग्राम) और दिवेश (गुरुग्राम) के रूप में हुई है।
गुरुग्राम से चलाते थे ठगी का रैकेट
एसपी अंबाला सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि यह गिरोह गुरुग्राम से साइबर ठगी का संचालन करता था। इसमें शामिल छह आरोपी गुरुग्राम के ही निवासी हैं, जबकि एक आरोपी बिहार से है। ये अपराधी आम लोगों को लकी ड्रॉ, ट्रेडिंग में भारी मुनाफे और अन्य लालच देकर ठगी का शिकार बनाते थे।
येस बैंक का अधिकारी भी था शामिल
गिरोह में येस बैंक का एक अधिकारी, शैलेंद्र भी शामिल था, जो अपने बैंकिंग ज्ञान और पहचान का फायदा उठाकर लोगों को झांसे में लेता था। उसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य ओटीपी और अन्य बैंकिंग जानकारियां लेकर ठगी को अंजाम देते थे।
अलग-अलग राज्यों में 27 मामले दर्ज
एसपी अंबाला ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में 27 मामले दर्ज हैं। फिलहाल, हरियाणा पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है। हरियाणा में भी इनके खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं – अंबाला, पंचकूला और गुरुग्राम में।
डमी बैंक अकाउंट का इस्तेमाल
गिरोह गरीब लोगों को अपने झांसे में लेकर उनके नाम पर बैंक अकाउंट खुलवाता था। फिर इन खातों का एक्सेस अपने पास रखता था और ठगी की रकम इन्हीं खातों में ट्रांसफर कर उसे तुरंत निकाल लेता था। पुलिस को 25 ऐसे फर्जी खाते मिले हैं।
ठगी का शिकार होने पर तुरंत करें शिकायत
एसपी अंबाला सुरेंद्र सिंह भौरिया ने अपील की है कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। जितनी जल्दी सूचना मिलेगी, उतनी जल्दी पुलिस कार्रवाई कर सकेगी और ठगी की रकम को फ्रीज किया जा सकेगा।
जांच जारी, हो सकती हैं और गिरफ्तारियां
पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की भी तलाश कर रही है। संभावना है कि इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जनता को सलाह दी गई है कि वे अनजान कॉल्स और ऑनलाइन निवेश के प्रलोभन से बचें और साइबर ठगों के जाल में फंसने से सतर्क रहें।