चंडीगढ़, 28 मार्च: हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन कुल छह विधेयकों को पारित किया गया, जिनमें राज्य की वित्तीय, कृषि, सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुधारने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं।
हरियाणा विनियोग (संख्या 2) विधेयक, 2025
राज्य सरकार ने 2025-26 वित्त वर्ष के लिए 2,58,339.98 करोड़ रुपये के खर्च की स्वीकृति देते हुए हरियाणा विनियोग विधेयक पारित किया। यह राशि सरकारी सेवाओं, विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च की जाएगी।
हरियाणा (बंदी आदान-प्रदान) निरसन विधेयक, 2025
1948 में लागू हुआ यह अधिनियम अब अप्रासंगिक हो गया था। इसके तहत भारत और पाकिस्तान के बीच बंदियों के आदान-प्रदान की व्यवस्था थी, जो अब निष्क्रिय हो चुकी है। हरियाणा सरकार ने इसे निरस्त करने का निर्णय लिया।
हरियाणा बागवानी पौधशाला विधेयक, 2025
राज्य में फल, सब्जी और औषधीय पौधों की गुणवत्ता सुधारने के लिए यह विधेयक लाया गया। नए कानून के तहत पौधशालाओं का पंजीकरण अनिवार्य होगा और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपर्णा संस्था (प्रबंधन एवं नियंत्रण ग्रहण) विधेयक, 2025
गुरुग्राम स्थित अपर्णा संस्था, जो स्वामी धीरेन्द्र ब्रह्मचारी द्वारा योग एवं स्वास्थ्य संवर्धन के लिए स्थापित की गई थी, वर्षों से विवादों और कानूनी अड़चनों में फंसी थी। इसे सरकारी नियंत्रण में लेने के लिए यह विधेयक पारित किया गया, जिससे संस्था की मूल भावना को संरक्षित किया जा सके।
हरियाणा विधान सभा (सदस्यों को चिकित्सा सुविधाएं) संशोधन विधेयक, 2025
इस विधेयक के जरिए पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाले सदस्यों को भी चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। पहले यह सुविधा केवल वर्तमान विधायकों और उनके परिवारों तक सीमित थी।
हरियाणा विधान सभा (सदस्यों को सुविधाएं) संशोधन विधेयक, 2025
बढ़ती महंगाई को देखते हुए विधायकों को गृह निर्माण और मोटर कार खरीद के लिए मिलने वाले ऋण की सीमा को बढ़ाने की मांग की गई थी। इस विधेयक के तहत अब गृह निर्माण के लिए ऋण सीमा 80 लाख रुपये से बढ़ाई जाएगी।