चंडीगढ़, 27 मार्च: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने पंजाब में नशे की समस्या पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नशा और नशा तस्करों पर लगाम लगाने के लिए पंजाब सहित इस क्षेत्र के सभी राज्यों को मिलकर एक टास्क फोर्स बनानी चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार द्वारा नशेड़ियों की गिनती किए जाने के फैसले को खारिज करते हुए कहा कि गिनती करने से नशा नहीं छूटेगा, बल्कि सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।
“सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब में नशा बड़ी समस्या”
विज ने कहा कि पंजाब सीमावर्ती राज्य है, जहां ड्रग्स की सप्लाई को लेकर लगातार खतरा बना रहता है। सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी हो रही है, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “सिर्फ नशेड़ियों की गिनती करने से कुछ नहीं होगा, सरकार को इसे रोकने के लिए गंभीर नीति बनानी होगी।”
“नशा रोकने के लिए हरियाणा में अलग विभाग बनाया था”
विज ने अपनी पूर्व की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह हरियाणा के गृह मंत्री थे, तब उन्होंने राज्य में नशा रोकने के लिए अलग विभाग और विशेष विंग का गठन किया था। उनका कहना है कि पुलिस के पास अन्य कई जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए ड्रग्स से निपटने के लिए अलग से एक विशेषज्ञ टीम की जरूरत है।
“वादा निभाने वाली पार्टी सिर्फ भाजपा”
पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने के चुनावी वादे पर सवाल उठाते हुए विज ने कहा कि “आप पार्टी ने बजट पेश कर दिया, लेकिन इसमें महिलाओं के लिए 1000 रुपये देने का कोई जिक्र नहीं है।” उन्होंने दावा किया कि “भारत में केवल भारतीय जनता पार्टी ही है जो अपने किए वादे निभाती है।”
“विपक्ष जनता को गुमराह करता है”
विज ने विपक्षी दलों पर हमला करते हुए कहा कि “विपक्षी पार्टियां जनता को गुमराह करती हैं, धोखा देती हैं और सत्ता में आकर सिर्फ मजे लूटती हैं।” उन्होंने कहा कि भाजपा ने अनुच्छेद 370 हटाने, राम मंदिर निर्माण का रास्ता खोलने और तीन तलाक खत्म करने जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।
“आप पार्टी के पास न नीति है, न नेतृत्व, न नीयत”
पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के तीसरे साल में प्रवेश करने पर विज ने कटाक्ष करते हुए कहा कि राजनीति में तीन चीजें जरूरी होती हैं – नेता, नीति और नीयत। लेकिन आप पार्टी के पास न कोई नेता है, न नीति और न ही नीयत सही है।
क्या बनेगी संयुक्त टास्क फोर्स?
अनिल विज के इस बयान के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या पंजाब और अन्य राज्यों की सरकारें नशे के खिलाफ संयुक्त टास्क फोर्स बनाने पर विचार करेंगी? या फिर यह केवल एक राजनीतिक बयान बनकर रह जाएगा? पंजाब सरकार की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन यह मुद्दा अब और गरमाता दिख रहा है।