Saturday , 5 April 2025

अचानक बदला पंजाब सरकार का रुख: शंभू और खनौरी बॉर्डर खाली कराने की असली वजह

चंडीगढ़ | 21 मार्च 2025 – पंजाब सरकार ने 13 महीने से जारी किसान आंदोलन पर अचानक सख्त रुख अपनाते हुए शंभू और खनौरी बॉर्डर को जबरन खाली करा दिया। बुधवार को केंद्र सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच बैठक के तुरंत बाद पुलिस ने कई किसान नेताओं को हिरासत में लिया और भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी। देर रात कार्रवाई के बाद बॉर्डर पूरी तरह से खाली करा दिया गया।

 

क्या है सरकार के सख्त कदम की वजह?

पिछले साल 13 फरवरी से किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर धरने पर बैठे थे, जिससे अमृतसर-दिल्ली हाईवे पूरी तरह बंद था। लंबे समय से इस हाईवे की बंदी के कारण पंजाब के व्यापार को भारी नुकसान हो रहा था। भगवंत मान सरकार ने इस नुकसान को ध्यान में रखते हुए सख्त फैसला लिया।

 

पंजाब के उद्योग मंत्री तरुणप्रीत सिंह ने कहा,

“हम किसानों का सम्मान करते हैं, लेकिन सड़कों के ब्लॉक होने से व्यापार प्रभावित हो रहा था। हमने हमेशा किसानों का समर्थन किया है, लेकिन अब यह जरूरी हो गया था कि हाईवे को खोला जाए।”

 

बदलते राजनीतिक समीकरण

हाल ही में, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान किसानों और केंद्र सरकार के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन 3 मार्च को जब संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की बैठक में उन्होंने वॉकआउट किया, तभी संकेत मिल गया था कि सरकार अब सख्त कदम उठा सकती है। मान सरकार का मानना है कि अगर आंदोलन जारी रहता, तो पंजाब की अर्थव्यवस्था को और ज्यादा नुकसान होता।

 

किसानों में रोष, आगे क्या?

इस कार्रवाई के बाद किसान संगठनों में भारी नाराजगी है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने इस मुद्दे पर आपात बैठक बुलाई है और आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। वहीं, पंजाब पुलिस का कहना है कि बॉर्डर खाली कराने की कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में की गई है।

About webadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *