चंडीगढ़, 19 मार्च: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज हरियाणा विधानसभा में स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान से भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विलमोर की सफल वापसी पर खुशी जताई। उन्होंने सदन में प्रस्ताव रखा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सदन अपनी प्रसन्नता व्यक्त करे और इस प्रस्ताव से सुनीता विलियम्स को अवगत कराया जाए।
हरियाणा विधानसभा में गूंजी तालियां
अनिल विज के प्रस्ताव को सदन के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से समर्थन दिया और तालियां बजाकर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “सुनीता विलियम्स भारतीय मूल की बेटी हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष में एक लंबा समय बिताया और सुरक्षित वापसी की। यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है।”
9 महीने 14 दिन बाद सकुशल लौटीं अंतरिक्ष यात्री
अनिल विज ने जानकारी दी कि सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर 5 जून 2024 को “बोइंग स्टारलाइनर” के पहले मानव मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रा पर गए थे। यह मिशन केवल 8 दिनों का था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उन्हें 9 महीने 14 दिन तक अंतरिक्ष में ही रहना पड़ा। आखिरकार, 19 मार्च की सुबह 3:27 बजे दोनों अंतरिक्ष यात्री स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल से गल्फ ऑफ मेक्सिको में सफलतापूर्वक उतरे।
विज ने बताया कि सुनीता विलियम्स के पिता गुजरात के पांड्या जिले से हैं और उन्होंने हमेशा अपनी भारतीय जड़ों पर गर्व किया है। अंतरिक्ष यात्रा के दौरान वे भगवद गीता और समोसे अपने साथ लेकर जाती हैं। उनकी इस भावना को देखते हुए विधानसभा ने उनकी उपलब्धि को विशेष रूप से सम्मानित करने का निर्णय लिया।
नासा के वैज्ञानिकों को भी धन्यवाद
अनिल विज ने कहा कि इस ऐतिहासिक वापसी के लिए नासा के वैज्ञानिकों की मेहनत को भी सराहा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “नासा ने यह करिश्मा कर दिखाया कि इतनी लंबी कठिनाई के बावजूद, वे अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने में सफल रहे। हम उनके प्रति भी आभार व्यक्त करते हैं।”
भारत और हरियाणा के लिए गर्व का क्षण
हरियाणा विधानसभा में सुनीता विलियम्स की वापसी पर जिस तरह से खुशी व्यक्त की गई, वह इस बात को दर्शाता है कि भारतीय मूल के लोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। यह पूरे भारत और विशेष रूप से हरियाणा के लिए गर्व का क्षण है।