चंडीगढ़, 18 मार्च: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार से फसल अवशेष प्रबंधन में उपयोग होने वाले 10 कृषि उपकरणों पर जीएसटी छूट की मांग की है। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। इस फैसले से किसानों को 60 करोड़ रुपये की बचत होगी।
पराली जलाने की समस्या का समाधान
हरियाणा के किसान देश के अन्न भंडार में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन पराली जलाने से वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है। सरकार की अनुदान योजना के कारण 2024 में पराली जलाने की घटनाओं में 39% की कमी आई थी। अब सरकार 2025 के लिए 200 करोड़ रुपये का अनुदान देने की योजना बना रही है। लेकिन इन मशीनों की खरीद पर किसानों को 500 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे, जिसमें 60 करोड़ रुपये जीएसटी के रूप में देना होगा।
किन 10 कृषि उपकरणों पर मांगी गई छूट?
मुख्यमंत्री ने रोटावेटर, डिस्क हैरो, कल्टीवेटर, जीरो ड्रिल, सुपर सीडर, स्ट्रॉ बेलर, हैरेक, स्लेशर, रीपर बाइंडर और ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रे पंप पर जीएसटी छूट की मांग की है।
क्या होगा फायदा?
अगर केंद्र सरकार यह छूट देती है, तो किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे अधिक संख्या में आधुनिक मशीनें खरीद सकेंगे। इससे खेती की लागत घटेगी और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सकेगा।