सिरसा: सिरसा के विधायक गोकुल सेतिया एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने सिरसा नगर परिषद के नवनिर्वाचित चेयरमैन वीर शांति स्वरूप को लेकर एक बयान दिया, जिसने भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। इस बयान में उन्होंने मशहूर फिल्म शोले का डायलॉग ट्विस्ट करते हुए कहा, “वैसे तो डायलॉग है कि ‘बसंती इन कुत्तों के सामने मत नाचना’, लेकिन हम कहेंगे ‘शांति इन कुत्तों के सामने मत नाचना।'”
बयान पर भड़का दलित समाज, कानूनी कार्रवाई की मांग
गोकुल सेतिया के इस बयान के बाद वीर शांति स्वरूप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे पूरे दलित समाज का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि विधायक ने न केवल उन्हें बल्कि पूरे समुदाय और पार्टी नेतृत्व का भी अपमान किया है। उन्होंने एससी/एसटी एक्ट के तहत सेतिया के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने की घोषणा की और उनकी विधायक सदस्यता रद्द करने की मांग भी की।
सड़कों पर उतरा वाल्मीकि समाज, बीजेपी और हलोपा कार्यकर्ताओं ने भी किया विरोध
गोकुल सेतिया के इस बयान से गुस्साए वाल्मीकि समाज के लोगों ने सिरसा में जबरदस्त प्रदर्शन किया। “गोकुल सेतिया मुर्दाबाद” के नारों के बीच प्रदर्शनकारियों ने विधायक का पुतला भी जलाया। यही नहीं, बीजेपी और हलोपा (हरियाणा लोकहित पार्टी) कार्यकर्ताओं ने भी इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए पुतला फूंका और विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान
गोकुल सेतिया का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। कई राजनीतिक विश्लेषकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे गंभीर आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी करार दिया है। विपक्षी दल भी इस बयान पर हमलावर हो गए हैं और सरकार से सेतिया के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।