अंबाला, 13 मार्च: होली के मौके पर हरियाणा के मंत्री अनिल विज का बयान चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि “हिंदुस्तान हिंदुओं का देश है, और यहां हिंदू अपने त्योहार धूमधाम से मनाएंगे। अगर आप पर कोई रंग पड़ जाता है, तो आपके अंदर सहनशक्ति होनी चाहिए।” उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है।
“मैं खुद होली नहीं खेलता, इसलिए घर में रहता हूं” – अनिल विज
अनिल विज ने अपनी व्यक्तिगत राय साझा करते हुए कहा कि वह होली नहीं खेलते, इसलिए घर में ही रहते हैं। उन्होंने कहा, “अगर बाहर बारिश हो रही हो और कोई भीगना न चाहे, तो उसे घर में बैठना चाहिए। अगर बाहर जाओगे तो थोड़े-बहुत कपड़े गीले होंगे, इसे सहन करना पड़ेगा।”
उनका यह बयान उस वक्त आया है जब उत्तर प्रदेश के संभल के सीओ अनुज चौधरी के बयान को लेकर विवाद चल रहा है। चौधरी ने कहा था कि “साल में 52 बार जुमा आता है, लेकिन होली सिर्फ एक बार आती है।” इस बयान का कई नेताओं ने समर्थन किया है।
“अगर होली से दिक्कत है, तो देश छोड़ दें” – संजय निषाद
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “होली आपसी भाईचारे और समरसता का पर्व है। अगर किसी को इससे दिक्कत है, तो वे देश छोड़कर कहीं और चले जाएं।”
संजय निषाद ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि “सपा और कांग्रेस पहले भी एक साथ चुनाव लड़े थे और तब ‘हाफ’ हो गए थे। अब अगर वे फिर से लड़ेंगे, तो पूरी तरह से साफ हो जाएंगे।”
“होली सिर्फ एक धर्म का त्योहार नहीं, यह पूरे देश की परंपरा है” – विश्वास सारंग
मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि “होली सिर्फ हिंदुओं का त्योहार नहीं, बल्कि यह पूरे देश की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। यह मतभेद मिटाने का पर्व है, अगर किसी को परेशानी है तो वह घर से बाहर न निकले। सब उत्साह के साथ होली खेलें।”