चंडीगढ़ ,27 फरवरी 2025 : पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनमें शराब नीति को लेकर एक अहम निर्णय लिया गया। वित्त मंत्री हरपाल सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि बैठक में 2025 के लिए नई एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दी गई है। इस नीति के तहत, सरकार ने 11,200 करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य निर्धारित किया है।
नई एक्साइज पॉलिसी के प्रमुख बिंदु
वित्त मंत्री ने बताया कि इस बार देसी शराब का कोटा 3 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है, जिससे स्थानीय शराब की बिक्री को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, पंजाब के पूर्व सैनिकों के लिए थोक लाइसेंस फीस को 5 लाख रुपये से घटाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया गया है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
बीयर शौकिनों के लिए भी एक बड़ी खुशखबरी आई है। बीयर की दुकानों के लिए सीमा पहले 2 लाख रुपये प्रति दुकान थी, जिसे अब घटाकर सिर्फ 25 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे बीयर की दुकानों के लिए लाइसेंस प्राप्त करना अब आसान हो जाएगा।
शराब तस्करी रोकने के लिए कड़े कदम
सरकार शराब तस्करी को रोकने के लिए भी कदम उठा रही है। इसके तहत नए एक्साइज थाने खोले जाएंगे, और एक कमेटी बनाई जाएगी, जो बताएगी कि ये थाने कहां-कहां खोले जाएं। इससे शराब तस्करी पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी।
अन्य फैसले
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि जन्म-मृत्यु के सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन में बदलाव किया गया है। अब अगर किसी बच्चे का जन्म एक साल तक रजिस्टर नहीं किया जाता, तो परिवार वालों को अदालत का रुख नहीं करना पड़ेगा। यह काम अब डिप्टी कमिश्नर के पास ही किया जाएगा। मृत्यु सर्टिफिकेट में डॉक्टरों को मौत का कारण लिखना अनिवार्य किया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
इसके अलावा, गौ कल्याण उपकर को 1 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इससे पहले गौ कल्याण शुल्क के रूप में 16 करोड़ रुपये एकत्र किए जाते थे, जबकि अब 24 करोड़ रुपये एकत्र किए जाएंगे, जो गौ सेवा के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।
एक नया बॉटलिंग प्लांट
पंजाब सरकार ने शराब उद्योग को और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए एक नया बॉटलिंग प्लांट लगाने को भी मंजूरी दी है, जिससे राज्य के शराब उत्पादन और आपूर्ति में सुधार होगा।