चंडीगढ़,26 फरवरी। महाशिवरात्रि का पर्व देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है, और इस मौके पर प्रयागराज में महाकुंभ का समापन भी होने जा रहा है। बुधवार को महाशिवरात्रि के दिन महाकुंभ का आखिरी शाही स्नान, जिसे अमृत स्नान भी कहा जाता है, होगा। इस विशेष अवसर पर शिव भक्तों का विशाल सैलाब प्रयागराज में उमड़ा हुआ है, और प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।
भीड़ प्रबंधन और विशेष इंतजाम
महाकुंभ के समापन और महाशिवरात्रि के पर्व को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारियों के साथ महाकुंभ नगर और प्रयागराज शहर में भीड़ प्रबंधन के उपाय किए हैं। वीवीआईपी प्रोटोकॉल को रद्द कर दिया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न हो और आयोजन शांति से संपन्न हो सके। महाकुंभ नगर प्रशासन और प्रयागराज जिला प्रशासन ने महाशिवरात्रि के दिन स्नान के लिए तीन अलग-अलग जोन बनाए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सहजता से स्नान कर सकें। इसके अलावा, कोई भी जुलूस या शिव बारात का आयोजन नहीं किया जाएगा। पुलिस-प्रशासन ने शहर को नो व्हीकल जोन घोषित किया है, जिससे सड़कें खाली रहेंगी और श्रद्धालुओं की आवाजाही में कोई परेशानी नहीं होगी।
शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़
महाशिवरात्रि के अवसर पर पूरे देश के शिव मंदिरों में भक्तों का ताता लग गया है। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो चुका है। काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष रौनक देखने को मिल रही है, जहां श्रद्धालु एक किलोमीटर लंबी लाइन में लगे हुए हैं। अन्य प्रमुख शहरों जैसे उज्जैन और काशी में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। नागा साधुओं ने भी अपनी भव्य पेशवाई निकाली, जो दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही है। 10,000 से अधिक नागा साधु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे, और इस दौरान कुछ साधु त्रिशूल लहराते हुए सेल्फी भी लेते नजर आए।
काशी में शिव बारात की तैयारी
काशी में महाशिवरात्रि के दिन शिव-पार्वती विवाह की परंपरा भी निभाई जाएगी। आज रात 8 बजे भगवान शिव की बारात निकलेगी, जो बैजनत्था मंदिर से आरंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए उसी मंदिर में समाप्त होगी। इस बारात में बैंड, नगाड़ा, शहनाई, बग्घी, घोड़े और भगवान के विभिन्न रूपों की झांकी होगी। 11 किन्नर इस बारात की अगुवाई करेंगे। शिव बारात को लेकर प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि यह आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।
सुरक्षा इंतजाम और प्रशासन की मुस्तैदी
काशी में भक्तों की भारी भीड़ और शिव बारात के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, साथ ही ड्रोन कैमरों से निगरानी भी रखी जा रही है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। महाकुंभ के पलट प्रवाह को ध्यान में रखते हुए काशी में बुधवार रात तक रूट डायवर्जन प्लान लागू किया गया है, और मैदागिन से गोदौलिया चौराहे तक वाहन चलने पर प्रतिबंध रहेगा।
विशेष ट्रेन सेवाएं
महाशिवरात्रि के अवसर पर रेलवे ने भी विशेष तैयारियां की हैं। 4000 से अधिक ट्रेनें चलायी जा रही हैं, जिनमें से 170 विशेष ट्रेनें महाशिवरात्रि के स्नान के लिए चलायी जाएंगी। अमृत स्नान का मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त में 3:33 बजे से लेकर 5:57 बजे तक रहेगा, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यधिक फलदाई माना जाता है।
महाशिवरात्रि के विशेष आयोजन
प्रयागराज के प्रमुख शिव मंदिरों में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिनमें मनकामेश्वर मंदिर, नागवासुकी मंदिर, दशाश्वमेध मंदिर, सोमेश्वर मंदिर और नागेश्वर धाम प्रमुख हैं। त्रिवेणी संगम में स्नान करने के बाद अन्न, वस्त्र और स्वर्ण दान करना अत्यधिक पुण्यकारी माना जाता है।
इस प्रकार, महाशिवरात्रि का पर्व इस बार भी भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है और प्रशासन की मुस्तैदी के बीच यह आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हो रहा है।