चंडीगढ़: हरियाणा निकाय चुनाव 2025 के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने घोषणापत्र जारी कर दिए हैं, जिनमें दोनों पार्टियों ने मतदाताओं को लुभाने के लिए कई अहम वादे किए हैं। हालांकि, दोनों पार्टियों के घोषणापत्र में कुछ महत्वपूर्ण समानताएं हैं, साथ ही साथ कुछ अनूठे वादे भी हैं, जो उन्हें एक-दूसरे से अलग करते हैं।
भाजपा का घोषणापत्र: महिलाओं और पर्यावरण पर फोकस
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हरियाणा के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की जनता को ध्यान में रखते हुए अपना घोषणापत्र जारी किया। इस घोषणापत्र में भाजपा ने 19 प्रमुख वादे किए हैं। भाजपा ने 20 साल से अधिक समय से काबिज सभी परिवारों को भूमि और मकान का मालिकाना हक देने का वादा किया है। इसके अलावा, स्ट्रीट वेंडर्स और फेरी वालों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव है।
संकल्प पत्र हमारी आत्मा है, इसे हम भगवान की तरह पूजते हैं। इसके हर वादे को पूरा करना हमारी गारंटी है।
आज विकसित नगर निकायों के लिए भाजपा के संकल्प पत्र का विमोचन किया है, मैं हरियाणा के 2.80 करोड़ परिवारजनों को इसके लिए बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।
यह संकल्प पत्र… pic.twitter.com/A5Zb4DFhlp
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) February 24, 2025
महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट और सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनों की स्थापना पर विशेष जोर दिया गया है, साथ ही अत्याधुनिक सभागार और आधुनिक लाइब्रेरी के निर्माण की बात भी की गई है। भाजपा ने सौर ऊर्जा, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने का भी वादा किया है। इसके अलावा, पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने और कचरे का निस्तारण, जल निकासी, सिवरेज कनेक्शन, और मुफ्त जल कनेक्शन जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया गया है।
कांग्रेस का घोषणापत्र: सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर
कांग्रेस ने भी अपने घोषणापत्र में शहरी जनता के लिए 37 वादे किए हैं। कांग्रेस का मुख्य फोकस ग्रीन और क्लीन सिटी बनाने पर है, जिसमें सीसीटीवी कैमरे लगाने और नगर निगमों को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का वादा किया गया है। शहरों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन, जलभराव का स्थायी समाधान, और गंदगी से मुक्ति की दिशा में काम करने की बात की गई है।
आज गुरुग्राम में नगर निकाय चुनावों हेतु कांग्रेस पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। pic.twitter.com/cdGyGIbPFB
— Bhupinder Singh Hooda (@BhupinderShooda) February 23, 2025
इसके अलावा, कांग्रेस ने सार्वजनिक शौचालयों की स्थापना, महिला शौचालयों का निर्माण, और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करने का वादा किया है। स्ट्रीट लाइट और मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था, बेसहारा पशुओं से मुक्ति, और मोहल्लों में सुविधाएं बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया गया है।
समानताएं और अंतर: घोषणापत्र में क्या है समानता?
हालांकि भाजपा और कांग्रेस दोनों के घोषणापत्र में कुल 15 वादे समान हैं, लेकिन उन्हें अलग-अलग तरीके से पेश किया गया है। दोनों पार्टियों ने शहरी सुविधाओं को बेहतर बनाने, महिलाओं की सुरक्षा और स्वच्छता पर ध्यान केंद्रित किया है। भाजपा ने पिंक टॉयलेट और इलेक्ट्रिक बसों का वादा किया, जबकि कांग्रेस ने सीसीटीवी कैमरे और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का आश्वासन दिया। दोनों ही पार्टियों ने जल निकासी, कचरे का निस्तारण, पार्किंग व्यवस्था और सिवरेज सिस्टम को दुरुस्त करने का वादा किया है।
विधानसभा में कौन बनेगा विजेता?
10 नगर निगमों सहित 41 निकायों में मतदान 2 और 9 मार्च को होगा, और नतीजे 12 मार्च को घोषित किए जाएंगे। इन घोषणापत्रों के माध्यम से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही मतदाताओं के बीच अपनी छवि को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि चुनावी मैदान में कौन सी पार्टी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में सफल होती है।