प्रयागराज, 29 जनवरी 2025: महाकुंभ के मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम में मची भगदड़ के बाद अब स्थिति नियंत्रण में आ चुकी है और कड़ी सुरक्षा के बीच स्नान का आयोजन फिर से शुरू हो गया है। श्रद्धालु अब भी संगम पर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे संगम जाने के बजाय जिस घाट के पास हैं, वहीं स्नान करें।
सीएम योगी की अपील:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगदड़ के बाद स्थिति पर नजर बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। सीएम ने अपने सोशल मीडिया हैंडल “X” पर पोस्ट कर कहा, “महाकुंभ-2025 में आए प्रिय श्रद्धालुओं, मां गंगा के जिस घाट के पास हैं, वहीं स्नान करें और संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें। कृपया प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और व्यवस्था बनाने में सहयोग करें।”
सीएम योगी ने यह भी कहा कि संगम के सभी घाटों पर अब शांतिपूर्वक स्नान हो रहा है और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने बताया कि स्नानार्थियों के लिए कई घाट बनाए गए हैं, जहां सुविधाजनक रूप से स्नान किया जा सकता है।
संगम पर स्नान जारी:
भगदड़ की घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति पर काबू पा लिया है और अब संगम के सभी घाटों पर स्नान का आयोजन शांति से जारी है। लोग त्रिवेणी संगम में स्नान कर रहे हैं और वीडियो में श्रद्धालु शांतिपूर्वक आस्था की डुबकी लगाते नजर आ रहे हैं।
श्रद्धालुओं की आवाज:
महाकुंभ में स्नान करने आई एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि वह 5 जनवरी से प्रयागराज में हैं और रोज संगम में स्नान करती हैं। उन्होंने कहा, “आज मैंने संगम में 108 डुबकी लगाई है। प्रशासन बहुत अच्छा है, कोई दिक्कत नहीं हो रही, पुलिस भी बहुत सेवा कर रही है।”
आध्यात्मिक गुरुओं की अपील:
आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने भी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे संगम घाट पर स्नान करने की जिद न करें। उन्होंने कहा, “प्रयागराज में जहां भी गंगा और यमुनाजी का संगम है, वहां स्नान करने से अमृत प्राप्त होगा। सभी श्रद्धालु आराम से आएं और बच्चों का ध्यान रखें, सुरक्षित रहें।”
स्वामी रामभद्राचार्य ने भी लोगों से आग्रह किया, “प्रयागराज में इस समय बहुत ज्यादा भीड़ हो गई है, इसलिए संगम न जाने की जिद छोड़ दें और पास के घाटों पर स्नान करें। सब लोग अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें।”
संगम की स्थिति और प्रशासनिक प्रयास:
हालांकि घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है, लेकिन अभी भी श्रद्धालुओं का जमावड़ा जारी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से संयम बरतने और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की है।