प्रयागराज, 29 जनवरी 2025: महाकुंभ के सबसे बड़े अमृत स्नान के दिन संगम नोज पर हुई भगदड़ में अब तक 20 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि 30 से अधिक श्रद्धालुओं के घायल होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। यह घटना तब हुई जब भारी भीड़ संगम नोज पर स्नान के लिए इकट्ठा हो गई थी।
घटना के बाद, प्रशासन ने अखाड़ों के अमृत स्नान को रद्द कर दिया है और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे संगम की ओर स्नान के लिए न आएं। साधु-संत भी भक्तों से आग्रह कर रहे हैं कि वे जिस घाट के पास हैं, वहीं स्नान करें और संगम नोज की ओर न बढ़ें।
सीएम योगी का बयान:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे के बाद श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा, “कृपया किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। यदि आप जिस घाट के पास हैं, वहीं स्नान करें और संगम नोज की ओर जाने का प्रयास न करें।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर चिंता जताई है और स्थिति पर नजर रखने के लिए मुख्यमंत्री योगी से तीन बार फोन पर बात की। उन्होंने राहत कार्यों को तेज़ी से लागू करने के निर्देश दिए और राज्य सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
भीड़ प्रबंधन के लिए कदम:
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पीपा पुल को फिर से खोल दिया है, जिन्हें पहले श्रद्धालुओं के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए बंद किया गया था। धीरे-धीरे श्रद्धालुओं को शहर से बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन भारी भीड़ अभी भी संगम क्षेत्र में बनी हुई है। इसके चलते प्रशासन और संतों ने संगम नोज की ओर जाने से बचने की अपील की है।
संवेदनशील स्थिति पर प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया:
सीएम योगी ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर “मिनट-टू-मिनट” नजर रखे हुए है और सभी उपाय किए जा रहे हैं ताकि स्थिति जल्द सामान्य हो सके। पीएम मोदी की लगातार संपर्क में रहने और राहत कार्यों के लिए दिशा-निर्देश देने से यह साफ है कि सरकार इस संवेदनशील स्थिति को पूरी गंभीरता से ले रही है।