चंडीगढ़,23 जनवरी। हरियाणा सरकार ने राज्य में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली लागत को कम करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त क्रय समिति (एचपीपीसी) की बैठक में 290 सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर पावर प्लांट लगाने को मंजूरी दी गई। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 36 करोड़ रुपए होगी, लेकिन विभिन्न बोलीदाताओं से बातचीत के बाद सरकार ने 30 करोड़ रुपए की बचत सुनिश्चित की है।
सौर ऊर्जा को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को तेजी से लागू कर रही है। इस योजना के तहत घरों की छतों पर 2 किलोवाट तक के सोलर पैनल लगाए जाएंगे। योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार 60,000 रुपए और हरियाणा सरकार 50,000 रुपए तक की सब्सिडी देगी। उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार बिजली का उपयोग कर शेष बिजली ग्रिड को बेच सकेंगे।
बचत और विकास का संतुलन
बैठक में कुल 804 करोड़ रुपए के कॉन्ट्रेक्ट्स और विभिन्न वस्तुओं की खरीद को मंजूरी दी गई। नेगोसिएशन के बाद लगभग 30 करोड़ रुपए की बचत की गई। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल, रणबीर गंगवा और श्रुति चौधरी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
गुरुग्राम की बंधवाड़ी लैंडफिल साइट के लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए एजेंसी को फाइनल किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी चार माह में कचरे का पूरी तरह से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। सफाई व्यवस्था में लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महिला पुलिस कर्मियों के लिए नई सुविधा
फील्ड ड्यूटी के दौरान महिला पुलिस कर्मियों की सुविधा के लिए सात मोबाइल टॉयलेट वैन खरीदी जाएंगी। इसके अतिरिक्त, एंटी करप्शन ब्यूरो के लिए 35 और इकोनॉमिकल व स्टेटिस्टिकल अफेयर्स विभाग के लिए 22 वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई।
शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता
सरकार ने यमुनानगर के साढौरा में 50 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण और गुरुग्राम में मास्टर सीवर लाइन परियोजना समेत कई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति दी। इसके साथ ही, स्कूलों में खेल सुविधाओं के लिए आधारभूत ढांचा विकसित करने और खेल सामग्री की खरीद के निर्देश भी दिए गए।
जलापूर्ति और सिंचाई को मिलेगी मजबूती
बैठक में थानेसर टाउन के लिए 12.50 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी के निर्माण और महेंद्रगढ़ जिले में 8 नए पंप खरीदने की मंजूरी दी गई। इससे 20 गांवों में सिंचाई सुविधाएं बेहतर होंगी।
मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता जांचने के लिए क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी को जोड़ा जाएगा और कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।