चंडीगढ़, 12 दिसंबर: हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने “वन नेशन, वन इलेक्शन” के प्रस्तावित निर्णय की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रवादी सोच का परिणाम बताया। विज ने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय आजादी के तुरंत बाद ही लागू होना चाहिए था, लेकिन पहले की सरकारों ने इसे नजरअंदाज किया।
विज ने चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों से देश के विकास कार्य प्रभावित होते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में लोकसभा और हरियाणा व महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव हुए, और अब दिल्ली में चुनाव होने जा रहे हैं। चुनावों के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता के कारण विकास कार्य रुक जाते हैं। “वन नेशन, वन इलेक्शन” लागू होने से यह बाधा दूर होगी और विकास कार्यों में निरंतरता आएगी।
विज ने प्रधानमंत्री मोदी की सोच की तारीफ करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री का उद्देश्य भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। यह कदम देश के विकास को तेज गति देगा। हर भारतीय नागरिक को इसका समर्थन करना चाहिए।” उन्होंने विपक्षी दलों पर सत्ता की लालसा और विकास से अनभिज्ञता का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका इस पहल का विरोध करना देशहित के खिलाफ है।
अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष को घेरा
अनिल विज ने उपराष्ट्रपति के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, “आज तक किसी भी पार्टी ने उपराष्ट्रपति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया था। यह प्रस्ताव विरोधी दलों द्वारा जॉर्ज सोर्स के मुद्दे को छिपाने और संसद की कार्यवाही को बाधित करने के लिए लाया गया है। उनका उद्देश्य केवल देश के विकास में अड़चन डालना है।”
विज ने कहा कि विपक्ष को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करना चाहिए और विकास के मुद्दों पर राजनीति से बचना चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे “वन नेशन, वन इलेक्शन” जैसे जनहितकारी कदम का समर्थन करें।