नई दिल्ली: भारत में चुनाव सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, केंद्रीय कैबिनेट ने ‘एक देश, एक चुनाव’ (वन नेशन, वन इलेक्शन) बिल को मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य देश में चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित, सस्ता और कम समय लेने वाला बनाना है। सूत्रों के मुताबिक, इस बिल को आगामी संसद सत्र में पेश किया जा सकता है।
क्या है ‘एक देश, एक चुनाव’ का उद्देश्य?
वर्तमान में भारत में लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और अन्य स्थानीय निकाय चुनाव अलग-अलग समय पर होते हैं, जिससे बार-बार चुनाव कराने की आवश्यकता होती है। इसका असर न केवल सरकारी कामकाज पर पड़ता है, बल्कि चुनावी खर्च और प्रशासनिक बोझ भी बढ़ जाता है।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का उद्देश्य:
चुनावी खर्च में कमी: बार-बार चुनाव कराने से बचाव।
सरकारी कामकाज में सुधार: चुनाव आचार संहिता के बार-बार लागू होने से कामकाज बाधित होता है।
चुनावी प्रक्रिया का सरलीकरण: एक बार में चुनाव कराने से मतदाताओं और राजनीतिक दलों को आसानी होगी।
कैसे काम करेगा यह बिल?
अगर यह बिल पास होता है, तो लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होंगे। सरकार ने इसके लिए एक रोडमैप तैयार करने और जरूरी संवैधानिक संशोधनों की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इस कदम से भारतीय लोकतंत्र में बड़ा बदलाव आ सकता है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
‘एक देश, एक चुनाव’ को लेकर राजनीतिक दलों की राय बंटी हुई है।
समर्थन: कई दलों का मानना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया सरल और किफायती होगी।