Saturday , 5 April 2025

प्रदेश में अपग्रेड होंगी मेडिकल सुविधाएं, जनसंख्या के हिसाब से पैरामेडिकल स्टाफ की होगी तैनाती- अनिल विज

हरियाणा डेस्क: हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कोरोना महामारी, ब्लैक फंगस से निपटने और प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि, ब्लैक फंगस के मामलों को देखते हुए टैंडर किया गया था और केवल एक कंपनी ने अप्लाई किया है, लेकिन नियमों में दबाव कर टैंडर जारी कर दिया गया है। तो वहीं दूसरी तरफ कोरोना की तीसरी वेव को लेकर सरकार पूरी तरह अलर्ट है और पूरी तैयारी कर रखी है। उनकी मानें तो, अब प्रदेश के जिलों में उनकी जनसंख्या के मुताबिक पैरामैडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी। जअनिल विज ने स्पष्ट किया कि डब्ल्यूएचओ के नियमों के अनुसार हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और कई तरह के बदलाव किए जाएंगे।

ब्लैक फंगस की दवाई को लेकर कही ये बड़ी बात

ब्लैक फंगस को देखते हुए हरियाणा सरकार ने पहले ही ग्लोबल टैंडर लगा दिया था। अनिल विज ने कहा कि इस टैंडर में केवल एक ही कंपनी ने अप्लाई किया है और नियमों के अनुसार कम से कम 3 कंपनियों का अप्लाई करना जरूरी है। लेकिन दवाई की जरूरत को देखते हुए नियमों में छूट देकर टैंडर खोला गया है और करीब 15000 इंजैक्शन का टैंडर किया था और उन्हें ऑर्डर दिया जा रहा है।

कोरोना की तीसरी वेव को लेकर हम पूरी तरह तैयार- विज

कोरोना की तीसरी वेव को लेकर अनिल विज ने कहा कि इसके लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। विज ने कहा कि किस आधार पर कहा जा रहा है कि यह वायरस अब बच्चों पर एटैक करेगा, यह तो पता नहीं, लेकिन हमारी पूरी तैयारी है।

’30 बैड से ज्यादा अस्पतालों में अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट होने चाहिए’

अनिल विज ने कहा कि, डब्ल्यूएचओ की गाइड लाइन के मुताबिक कितनी जनसंख्या पर कितने बैड का अस्पताल होना चाहिए, वह उपलब्ध करवाने का फैसला किया है। हर बैड ऑक्सीजन बैड होना चाहिए। हमारी टैक्निकल कमेटी तय करेगी कि कितने प्रतिशत बैड हर अस्पताल में आईसीयू होने चाहिए और कितने वेटिलेटर्स होने चाहिए। हमने इसका बल्यू प्रिंर्ट तैयार किया है। 30 बैड से ज्यादा अस्पतालों में अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट होने चाहिए।

सभी अस्पतालों में पाइप गैस लाइन होनी चाहिए- अनिल विज

मंत्री विज ने कहा कि, सभी अस्पतालों में पाइप गैस लाइन होनी चाहिए। सभी अस्पताल पीएचसी लेबर तक डिजिटल होने चाहिए, ताकि हर प्रकार की रिपोर्ट व स्थिति ऑफिस में बैठकर चैक कर सकें। इसके अलावा सभी अस्पतालों में केटरिंग सर्विस भी होनी चाहिए, जिसे जल्द ही शुरू किया जाएगा। सभी डॉक्टर्स, पेरामेडिकल स्टाफ के रेगुलर ट्रेनिंग प्रोग्राम करवाया जाएगा, ताकि डॉक्टर्स अपग्रेड रहे। जो ट्रेनिंग नहीं लेगा, उसके लिए इंक्रिमेंट को लेकर नियम बनाए जाएंगे।

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