1 अप्रैल 2025 से, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बड़ी कटौती की घोषणा की है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य कारोबारी क्षेत्रों को राहत मिलेगी। खासतौर पर 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में यह कमी की गई है, जो वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं के लिए काफी मददगार साबित होगी।
दिल्ली में 41 रुपये सस्ता हुआ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर
देश की राजधानी दिल्ली में, अब 19 किलो वाला कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर ₹41 सस्ता हो गया है। इसके बाद, दिल्ली में यह सिलेंडर अब ₹1,762 में उपलब्ध होगा, जबकि पहले इसकी कीमत ₹1,803 थी। यह कटौती आज, 1 अप्रैल 2025 से लागू हो गई है।
अन्य प्रमुख शहरों में भी कम हुए दाम
दिल्ली के अलावा, देश के अन्य प्रमुख मेट्रो शहरों में भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई है, जिससे व्यापारियों और उद्योगों को राहत मिली है:
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कोलकाता: अब 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर ₹1,872 में मिलेगा, जो पहले ₹1,913 था।
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मुंबई: यहां अब यह सिलेंडर ₹1,714.50 का होगा, जो पहले ₹1,755.50 था।
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चेन्नई: अब कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत ₹1,924 है, जबकि पहले यह ₹1,965 में मिल रहा था।
घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं
हालांकि कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की गई है, घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर (14.2 किलो) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू सिलेंडर की कीमतें दिल्ली में ₹803, कोलकाता में ₹829, मुंबई में ₹802.50 और चेन्नई में ₹818.50 बनी हुई हैं।
हर महीने की 1 तारीख को होती है एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की 1 तारीख को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों का निर्धारण करती हैं, जो वैश्विक कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सरकारी नीतियों और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। पिछले महीने, यानी 1 मार्च 2025 को, कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में ₹6 की वृद्धि की थी।
कम हुए कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम, वजह क्या है?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। इसके अलावा, सरकार की नीतियों और कंपनियों के मुनाफे को संतुलित करने के लिए समय-समय पर इन कीमतों में बदलाव किए जाते हैं। वैश्विक बाजार में कीमतों में स्थिरता आने के कारण अब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह कमी की गई है, जिससे व्यापारियों को राहत मिली है।