अंबाला/चंडीगढ़, 16 मार्च: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने रविवार को अंबाला छावनी के नग्गल में निर्माणाधीन राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि यह अत्याधुनिक लैब 17 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है, जहां रोगों की टेस्टिंग और रिसर्च होगी। इस केंद्र का लाभ हरियाणा सहित सात राज्यों—दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, जम्मू और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मरीजों को मिलेगा।
बीमारियों की रोकथाम में बड़ा कदम
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि एनसीडीसी का उद्देश्य नए और घातक संक्रमणों की पहचान, नियंत्रण और रोकथाम करना है। यहाँ इबोला, स्वाइन फ्लू (H1N1), SARS, टाइफाइड, हैजा, हेपेटाइटिस, चिकनपॉक्स और खसरा जैसी बीमारियों पर शोध होगा।
क्यों चुना गया अंबाला छावनी?
अंबाला छावनी को एनसीडीसी के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यह रेलवे, हवाई मार्ग और सड़क नेटवर्क से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहाँ पहले से ही अटल कैंसर केयर सेंटर, सिविल अस्पताल और तीन मेडिकल कॉलेज मौजूद हैं, जो इस प्रोजेक्ट के लिए उपयुक्त आधार प्रदान करते हैं।
चार एकड़ में बन रहा आधुनिक अनुसंधान केंद्र
अनिल विज ने बताया कि एनसीडीसी को दो चरणों में विकसित किया जा रहा है।
✅ पहले चरण में टेस्टिंग और रिसर्च के लिए लैब तैयार की जा रही है।
✅ दूसरे चरण में मुख्य बिल्डिंग बनेगी, जिसमें अत्याधुनिक रिसर्च लैब, ट्रेनिंग सेंटर और अन्य सुविधाएं होंगी।
एनसीडीसी की बिल्डिंग में होंगी ये सुविधाएं
▶ ग्राउंड फ्लोर: रिसेप्शन, एडमिन ऑफिस, कॉन्फ्रेंस हॉल, आईटी वीडियो रूम, सुरक्षा कक्ष
▶ फर्स्ट फ्लोर: सैंपल कलेक्शन, क्लाइमेट चेंज रूम, ट्रेनिंग रूम, एपिडेमियोलॉजी स्टाफ रूम
▶ सेकंड फ्लोर: अत्याधुनिक बैक्टीरियोलॉजी, माइक्रो लैब, वायरोलॉजी लैब
▶ थर्ड फ्लोर: BSL-2 लैब, स्टाफ कॉमन रूम, ओपन टैरेस
मंत्री अनिल विज ने दिए जरूरी दिशा-निर्देश
निरीक्षण के दौरान CPWD और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. राकेश सहल, भाजपा नेता परमजीत सिंह, पार्षद श्याम सुंदर अरोड़ा, और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।