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हरियाणा के नूंह में फिर पेपर लीक, बोर्ड परीक्षा में इंग्लिश के बाद अब मैथ का पेपर आउट

हरियाणा के नूंह में फिर पेपर लीक, बोर्ड परीक्षा में इंग्लिश के बाद अब मैथ का पेपर आउट

नूंह, 28 फरवरी: हरियाणा के नूंह जिले में एक बार फिर पेपर लीक का मामला सामने आया है। इस बार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 10वीं कक्षा का मैथ का पेपर लीक हो गया। इससे पहले गुरुवार को नूंह जिले के एक स्कूल में 12वीं कक्षा का इंग्लिश पेपर भी लीक हो चुका था, जिसके बाद उसे रद्द कर दिया गया था। अब 10वीं कक्षा का मैथ पेपर भी लीक होने के कारण परीक्षा को रद्द कर दिया गया है।

एलडीएम पब्लिक स्कूल में लीक हुआ पेपर

मैथ का पेपर नूंह जिले के पुनहाना खंड के एलडीएम पब्लिक स्कूल में लीक हुआ है। जैसे ही पेपर शुरू हुआ, कुछ ही देर बाद यह बाहर भेजा गया। इसके बाद पूरा स्कूल सील कर दिया गया और मामले की जांच की जा रही है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से कहा गया है कि मैथ के इस पेपर को रद्द कर दिया गया है और नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी।

इंग्लिश का पेपर पहले हुआ था लीक

गुरुवार को नूंह जिले के टपकन गांव स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा का इंग्लिश का पेपर लीक हो गया था। पेपर शुरू होने के लगभग आधे घंटे बाद ही यह लीक हुआ। इसके बाद बोर्ड ने तत्काल एक्शन लेते हुए परीक्षा रद्द कर दी थी। पुलिस ने जांच के दौरान दो शिक्षकों और तीन छात्रों को गिरफ्तार किया था। पुलिस इस मामले में वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए पेपर को शेयर करने वाले आरोपी की तलाश कर रही है।

सेंटर इंचार्ज की शिकायत पर शुरू हुई कार्रवाई

इंग्लिश पेपर लीक होने के बाद सेंटर इंचार्ज संजीव कुमार ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया था कि पेपर के दौरान कमरा नंबर 5 और 6 में तैनात सुपरवाइजर रुकमुद्दीन और शौकत को बार-बार खिड़कियां बंद करने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया। उसी दौरान कुछ अज्ञात लोग दोनों कमरों में पहुंचे और इंग्लिश पेपर की फोटो खींचकर बाहर भेज दी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए त्वरित कार्रवाई की।

सख्त कदम उठाने की आवश्यकता

पेपर लीक की यह घटनाएं न केवल शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर रही हैं, बल्कि छात्रों और अभिभावकों में भी असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही हैं। शिक्षा बोर्ड और राज्य सरकार को इस गंभीर मुद्दे पर सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखी जा सके।

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