प्रयागराज,31 जनवरी । महाकुंभ के बीच किन्नर अखाड़े ने बड़ा निर्णय लिया है। किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर पद से हटाकर अखाड़े से बाहर कर दिया है। इसके साथ ही आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को भी उनके पद और अखाड़े से निष्कासित कर दिया गया है। ऋषि अजय दास ने घोषणा की है कि जल्द ही अखाड़े को एक नया आचार्य महामंडलेश्वर मिलेगा और अखाड़े का पुनर्गठन किया जाएगा।
ममता कुलकर्णी ने लिया था संन्यास
पूर्व बॉलीवुड अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने कुछ दिन पहले ही महाकुंभ के दौरान संन्यास की घोषणा की थी। उन्होंने प्रयागराज में किन्नर अखाड़े की प्रमुख लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने संगम पर पिंडदान की रस्म निभाई थी। इसके पश्चात उनका राज्याभिषेक किन्नर अखाड़े में हुआ था और उन्हें आध्यात्मिक नाम ‘श्री यमई ममता नंद गिरि’ दिया गया था।
ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर विवाद भी खड़ा हो गया था। संत समाज के कई सदस्यों ने इस फैसले का विरोध किया था, जिससे अखाड़े में असंतोष का माहौल बना।
अध्यात्म की राह पर ममता कुलकर्णी
समाचार एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में ममता कुलकर्णी ने बताया कि 1996 में उनका झुकाव अध्यात्म की ओर हुआ था और गुरु गगन गिरि महाराज से मुलाकात के बाद उन्होंने तपस्या शुरू की। साल 2000 से 2012 तक उन्होंने पूरी तरह से ब्रह्मचर्य का पालन किया और कई साल दुबई में बिताए।
उनकी आखिरी बॉलीवुड फिल्म ‘कभी तुम कभी हम’ 2002 में रिलीज़ हुई थी, जिसके बाद उन्होंने मनोरंजन जगत से संन्यास ले लिया।
किन्नर अखाड़े में जल्द होगा पुनर्गठन
किन्नर अखाड़े के प्रमुख ऋषि अजय दास ने स्पष्ट किया है कि अखाड़े में जल्द ही नया आचार्य महामंडलेश्वर नियुक्त किया जाएगा और इसका पुनर्गठन किया जाएगा। इस निर्णय के पीछे अखाड़े में मचे विवादों और संत समाज की आपत्तियों को मुख्य कारण माना जा रहा है।
महाकुंभ में किन्नर अखाड़े की यह बड़ी कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अखाड़े में नए नेतृत्व के साथ क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।