Sunday , 6 April 2025

शहीदों को भूलने वाली कौम इतिहास के पन्नों से सदा के लिए हो जाती है गायब – अनिल विज

हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कार्यकम मंत्री अनिल विज ने गांव गरनाला में शहीद गुरसेवक सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया और राव तुलाराम सहित हरियाणा के सभी जाने-अनजाने शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने इस मौके पर लोक निर्माण विभाग द्वारा 28.20 लाख रुपए की लागत से स्थापित गुरसेवक सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ-साथ पंचायती राज विभाग द्वारा 10 लाख रुपए की लागत से बनाए गए गुरसेवक सिंह मैमोरियल हाल, 18 लाख रुपए की लागत से बनाए गए सामुदायिक केन्द्र और चारदिवारी तथा 41.52 लाख रुपए की लागत से निर्मित गांव की फिरनी व इंटरलोकिंग गलियों का उदघाटन भी किया। उन्होंने गांव में शीघ्र ही व्यायामशाल का निर्माण करवाने की घोषणा की और कहा कि शहीद गुरसेवक के गांव के लोग जो भी विकास कार्य बताएंगे, उसके लिए धन की कमी नही आने दी जाएगी।
उन्होंने उपस्थित गांव वासियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के महान शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों की बदौलत ही आज देश के नागरिक आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं।  उन्होंने कहा कि जो कौम अपने शहीदों को भुला देती है, इतिहास के पन्नों से उनका नाम सदा-सदा के लिए गायब हो जाता है। उन्होंने कहा कि शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर गुरसेवक जैसे जाबांज सैनिक दिन-रात देश की सीमाओं पर अपना सबकुछ न्यौछावर करने के लिए डटे हुए हंै। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अब टेरारिस्टस्तान के रूप में पहचाना जाता है, भारत को कमजोर करने के लिए आतंकवाद का सहारा ले रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पड़ौसी देश की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की आंतकवादियों की शह देने की छवि को जग-जाहिर किया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि देश की आजादी में हरियाणा के राव तुला राम सहित शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरू, सुखदेव, सुभाष चन्द्र बोस जैसे हजारों शूरवीरों ने अपने जीवन की कुर्बानी दी है लेकिन एक राजनैतिक दल आजादी का श्रेय केवल अपने परिवार तक सीमित रखना चाहता है। उन्होंने कहा कि आजादी के वास्तविक नायकों को एक सोची समझी साजिश के तहत गुमनामी में धकेला गया लेकिन वर्तमान सरकार ने शहीदों को पूरा मान-सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि 1857 की क्रांति का आगाज सबसे पहले अम्बाला छावनी से हुआ था और सरकार द्वारा 323 करोड़ रुपए की लागत से अंतर्राष्ट्रीय स्तर का शहीद स्मारक बनाकर इस स्मारक में हरियाणा व भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के सभी सैनिकों के नाम प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि भावी पीढिय़ां उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें। इस अवसर पर सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के कलाकारों ने देशभक्ति के गीत प्रस्तुत किए जबकि प्राध्यापिका अनामिका वालिया और राजकीय उच्च विद्यालय गरनाला के विद्यार्थियों ने देशभक्ति पर आधारित कविताएं, समूह गान व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। स्वास्थ्य मंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को 21 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।

About webadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *